राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बायतू विधायक हरिश चौधरी लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। किसान पृष्ठभूमि से आने वाले हरिश चौधरी ने धीरे-धीरे संगठन और सरकार दोनों में अपनी मजबूत पहचान बनाई। राजनीति में लगातार सक्रिय रहने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति में भी समय के साथ बदलाव आया है। 2013 के आसपास उनकी कुल संपत्ति सीमित दायरे में मानी जाती थी, लेकिन 2018 और 2023 के बाद उनकी नेट वर्थ में स्थिर बढ़ोतरी देखने को मिली। 2026 तक अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी कुल संपत्ति लगभग ₹4-6 करोड़ के बीच हो सकती है। यह वृद्धि किसी अचानक लाभ का नतीजा नहीं है, बल्कि नियमित राजनीतिक आय, जमीन-मकान के मूल्य में बढ़ोतरी और दीर्घकालिक बचत का परिणाम मानी जाती है। हरिश चौधरी उन नेताओं में गिने जाते हैं जिनकी संपत्ति धीरे-धीरे बनी है। उनकी आर्थिक यात्रा यह दिखाती है कि उन्होंने जोखिम भरे कारोबारी निवेश की बजाय सुरक्षित विकल्पों को प्राथमिकता दी।
2026 में कुल नेट वर्थ ₹4-6 करोड़, बड़ा हिस्सा खुद के नाम
2026 के अनुमान के अनुसार हरिश चौधरी की कुल पारिवारिक संपत्ति करीब ₹4-6 करोड़ के बीच मानी जा रही है। इसमें से लगभग ₹3-4 करोड़ हिस्सा उनके स्वयं के नाम पर दर्ज बताया जाता है, जबकि शेष संपत्ति परिवार के अन्य सदस्यों के हिस्से में आती है। उनकी संपत्ति का मुख्य भाग अचल संपत्ति यानी मकान और कृषि भूमि से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा बैंक जमा और सीमित निवेश भी उनकी कुल नेट वर्थ का हिस्सा हैं। हरिश चौधरी ने कभी बड़े निजी उद्योग या कॉर्पोरेट बिज़नेस को अपनी कमाई का आधार नहीं बनाया। उनकी आय मुख्य रूप से विधायक पद, सरकारी भत्तों और पारंपरिक निवेश पर आधारित रही है। उनकी वित्तीय प्रोफाइल यह भी बताती है कि वे निवेश के मामले में सतर्क रहते हैं। बड़े जोखिम लेने की बजाय वे बैंक सेविंग्स और प्रॉपर्टी जैसे स्थिर विकल्पों को तरजीह देते हैं, जिससे उनकी नेट वर्थ में उतार-चढ़ाव कम रहता है।
सीमित नकद, बैंक बैलेंस पर ज़ोर और कम आभूषण निवेश
हरिश चौधरी के पास नकद राशि आम तौर पर सीमित रहती है। वे अधिकतर लेन-देन बैंकिंग सिस्टम के जरिए करते हैं। उनकी कुल संपत्ति का बड़ा हिस्सा बैंक खातों और अचल संपत्ति के रूप में रखा गया माना जाता है। बैंक खातों में नियमित बचत और ब्याज से मिलने वाली आय उनकी आर्थिक स्थिति को स्थिर बनाए रखती है। सोने-चांदी और आभूषणों में उनका निवेश भी ज्यादा नहीं है। परिवार के पास पारंपरिक जेवरात जरूर हैं, लेकिन कुल नेट वर्थ के मुकाबले इनका हिस्सा छोटा ही माना जाता है। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि हरिश चौधरी दिखावे की संपत्ति पर ज्यादा खर्च नहीं करते। उन्होंने अपनी पूंजी को सुरक्षित माध्यमों में लगाया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति संतुलित बनी रहती है।
सादा जीवन, सामान्य वाहन और आय का बड़ा हिस्सा राजनीति से
करीब ₹4-6 करोड़ की अनुमानित नेट वर्थ होने के बावजूद हरिश चौधरी की जीवनशैली अपेक्षाकृत सादी मानी जाती है। उनके पास निजी वाहन जरूर हैं, लेकिन किसी लग्ज़री कार कलेक्शन या महंगे बेड़े के लिए वे नहीं जाने जाते। वे अधिकतर सरकारी या पार्टी कार्यक्रमों में सामान्य वाहनों का ही उपयोग करते दिखाई देते हैं। हरिश चौधरी पिछले कई वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सरकार में भी अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं। उनकी कुल आय का बड़ा हिस्सा विधायक वेतन, सरकारी भत्तों और आधिकारिक सुविधाओं से आता है। अनुमान के अनुसार उनकी आय का लगभग 80-85% हिस्सा राजनीति से जुड़ी आय से बनता है।राजनीतिक व्यस्तताओं के बावजूद वे ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार जुड़े रहते हैं। किसान मुद्दे, जल संकट और ग्रामीण विकास जैसे विषय उनके सार्वजनिक जीवन का अहम हिस्सा रहे हैं, जो उनकी ज़मीनी छवि को मजबूत करता है।
राजनीतिक पहचान के साथ बनी आर्थिक स्थिरता
हरिश चौधरी की पहचान एक ज़मीनी और संघर्षशील नेता की रही है। बाड़मेर क्षेत्र से आने वाले चौधरी किसान पृष्ठभूमि से जुड़े हैं और आज भी खुद को आम जनता के करीब रखने की कोशिश करते हैं। 2013 से 2026 के बीच उनकी संपत्ति में भले ही बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन उनकी सार्वजनिक छवि अब भी एक साधारण और मेहनती नेता की बनी हुई है। बड़े बंगले, अत्यधिक दिखावा या भव्य जीवनशैली उनकी पहचान का हिस्सा नहीं रहे हैं। उनके भाषणों और जनसभाओं में अक्सर रोजगार, सिंचाई और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे प्रमुख रहते हैं। Harish Choudhary Net Worth 2026 यह साफ दिखाती है कि लगभग ₹4-6 करोड़ की अनुमानित संपत्ति होने के बावजूद हरिश चौधरी की जीवनशैली संतुलित और सादी बनी हुई है। सीमित नकद, नियंत्रित निवेश और सामान्य रहन-सहन के साथ वे आज भी एक ऐसे नेता के रूप में पहचाने जाते हैं, जिनकी ताकत दौलत से ज्यादा संगठन, अनुभव और ज़मीनी राजनीति में दिखाई देती है।