राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा की आर्थिक स्थिति में बीते एक दशक के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2013 के आसपास उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब ₹1-2 करोड़ के बीच मानी जाती थी। इसके बाद राजनीति में सक्रिय भूमिका, लगातार चुनाव जीतने और सरकारी पदों पर रहने के कारण उनकी संपत्ति में धीरे-धीरे इजाफा होता गया।2018 तक उनकी नेट वर्थ बढ़कर लगभग ₹3-4 करोड़ के आसपास पहुंच गई थी। वहीं 2023 आते-आते यह आंकड़ा करीब ₹6-7 करोड़ तक पहुंच गया। 2026 में संपत्ति मूल्य, बैंक बैलेंस और निवेश को मिलाकर गोविंद सिंह डोटासरा की कुल नेट वर्थ लगभग ₹7-9 करोड़ के बीच मानी जा रही है। यानी करीब 13 वर्षों में उनकी संपत्ति में लगभग 4 से 5 गुना की वृद्धि दर्ज हुई है। यह बढ़ोतरी किसी अचानक फायदे की वजह से नहीं, बल्कि नियमित राजनीतिक आय, जमीन-मकान के मूल्य में वृद्धि और दीर्घकालिक बचत का परिणाम मानी जाती है।
2026 में कुल नेट वर्थ ₹8-9 करोड़, जिसमें बड़ा हिस्सा खुद के नाम
2026 के अनुमान के अनुसार गोविंद सिंह डोटासरा की कुल पारिवारिक संपत्ति करीब ₹8-9 करोड़ के बीच आंकी जा रही है। इसमें से लगभग ₹5-6 करोड़ हिस्सा उनके स्वयं के नाम दर्ज माना जाता है, जबकि शेष ₹2-3 करोड़ उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के हिस्से में आता है। उनकी संपत्ति का बड़ा भाग अचल संपत्ति यानी मकान और जमीन के रूप में है। इसके अलावा बैंक जमा और सीमित निवेश भी उनकी कुल नेट वर्थ में शामिल हैं। डोटासरा ने कभी बड़े निजी उद्योग या कॉर्पोरेट बिजनेस को अपनी आय का मुख्य साधन नहीं बनाया। उनकी आर्थिक स्थिति मुख्य रूप से राजनीति से मिलने वाले वेतन, भत्तों और पारंपरिक निवेश पर आधारित रही है। उनकी संपत्ति प्रोफाइल यह भी दर्शाती है कि वे जोखिम भरे निवेश से दूर रहते हैं। शेयर बाजार या बड़े कारोबारी प्रोजेक्ट्स की बजाय उन्होंने सुरक्षित विकल्पों जैसे बैंक सेविंग और प्रॉपर्टी को प्राथमिकता दी है। यही वजह है कि उनकी नेट वर्थ में उतार-चढ़ाव कम और स्थिर वृद्धि ज्यादा देखने को मिलती है।
गोविंद सिंह डोटासरा के पास नकद राशि अपेक्षाकृत सीमित रहती है। आम तौर पर उनके पास करीब ₹30-50 हजार कैश दर्ज होता है, जबकि उनकी पत्नी के पास भी लगभग इतनी ही सीमित नकदी मानी जाती है। यानी उनकी कुल संपत्ति का करीब 90% से ज्यादा हिस्सा बैंक खातों और अचल संपत्ति के रूप में रखा गया है। उनके बैंक खातों में कुल मिलाकर लगभग ₹1-1.5 करोड़ तक की राशि जमा मानी जाती है। इसमें नियमित बचत और ब्याज से मिलने वाली आय भी जुड़ी रहती है। सोने-चांदी में उनका निवेश भी बहुत बड़ा नहीं है। डोटासरा के पास सीमित मात्रा में सोना दर्ज है, जबकि उनकी पत्नी के पास पारंपरिक जेवरात हैं, जिनकी कुल कीमत कुछ लाख रुपये के आसपास मानी जाती है। कुल नेट वर्थ में आभूषणों और नकद का हिस्सा केवल 2-3% के करीब बैठता है। यह साफ दिखाता है कि परिवार ने दिखावे की संपत्ति की बजाय सुरक्षित वित्तीय ढांचे को प्राथमिकता दी है।
₹8 करोड़ की नेट वर्थ, फिर भी सादा जीवन और सीमित निजी वाहन
करीब ₹6-8 करोड़ की नेट वर्थ होने के बावजूद गोविंद सिंह डोटासरा की जीवनशैली अपेक्षाकृत सादी मानी जाती है। उनके पास निजी वाहन जरूर हैं, लेकिन किसी लग्ज़री कार कलेक्शन या महंगे बेड़े के लिए वे नहीं जाने जाते। वे अधिकतर सरकारी या पार्टी कार्यक्रमों में सामान्य वाहनों का ही उपयोग करते दिखाई देते हैं। डोटासरा पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय राजनीति में हैं। वे शिक्षा मंत्री जैसे अहम पद पर भी रह चुके हैं और वर्तमान में राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उनकी कुल आय का बड़ा हिस्सा सरकारी वेतन, विधायक भत्तों और आधिकारिक सुविधाओं से आता है। अनुमान के अनुसार उनकी आय का लगभग 80-85% हिस्सा राजनीति से जुड़ी आय से बनता है। वे अब तक कई बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं और लगातार जनसंपर्क में सक्रिय रहते हैं। इसके बावजूद उनकी आर्थिक प्रोफाइल नियंत्रित दायरे में बनी हुई है, जो उन्हें कई अन्य नेताओं से अलग पहचान देती है।
राजनीतिक करियर के साथ बढ़ी संपत्ति, लेकिन नहीं बदली ज़मीनी छवि
गोविंद सिंह डोटासरा की पहचान एक ज़मीनी नेता के रूप में बनी हुई है। सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र से आने वाले डोटासरा किसान पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं और आज भी खुद को आम जनता के करीब रखने की कोशिश करते हैं। 2013 से 2026 के बीच उनकी संपत्ति में भले ही कई गुना वृद्धि हुई हो, लेकिन उनकी सार्वजनिक छवि अब भी एक साधारण और संघर्षशील नेता की बनी हुई है। वे बड़े बंगले, अत्यधिक सुरक्षा या भव्य जीवनशैली के लिए नहीं जाने जाते। उनके राजनीतिक भाषणों और जनसभाओं में अक्सर शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे प्रमुख रहते हैं। 2026 तक गोविंद सिंह डोटासरा की स्थिति एक ऐसे नेता की बनती है, जिनकी नेट वर्थ लगभग ₹8-9 करोड़ है। वे करोड़पति जरूर हैं, लेकिन अरबपति राजनेताओं की श्रेणी में नहीं आते। उनकी संपत्ति मुख्य रूप से राजनीति, जमीन-मकान और बैंक निवेश पर आधारित है। उनकी आर्थिक यात्रा यह दिखाती है कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी अपेक्षाकृत संतुलित वित्तीय ढांचा बनाए रखा है। न अत्यधिक जोखिम भरे निवेश और न ही दिखावटी खर्च-यही उनकी आर्थिक सोच को दर्शाता है।
Govind Singh Dotasara Net Worth 2026 यह साफ दिखाती है कि लगभग ₹1-2 करोड़ (2013) से बढ़कर ₹8-9 करोड़ (2026) तक पहुंचने के बावजूद गोविंद सिंह डोटासरा की जीवनशैली साधारण बनी हुई है। सीमित नकद, नियंत्रित निवेश और सामान्य रहन-सहन के साथ वे आज भी एक ऐसे नेता के रूप में पहचाने जाते हैं, जिनकी ताकत दौलत से ज्यादा संगठन, अनुभव और ज़मीनी राजनीति में दिखाई देती है।