अशोक गहलोत की आर्थिक स्थिति में सबसे बड़ा बदलाव पिछले एक दशक में देखने को मिला है। वर्ष 2013 में उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब ₹1.69 करोड़ थी, जो समय के साथ लगातार बढ़ती गई और 2026 तक लगभग ₹13–14 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई। यानी करीब 13 वर्षों में उनकी नेट वर्थ में लगभग 8 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई।
2018 तक उनकी कुल संपत्ति करीब ₹6.53 करोड़ पहुंच चुकी थी, जिससे साफ हो गया था कि उनकी आर्थिक स्थिति में स्थिरता आ चुकी है। इसके बाद 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर करीब ₹12.68 करोड़ तक चला गया। 2026 में संपत्ति के मूल्य और बैंक निवेश को मिलाकर उनकी कुल नेट वर्थ लगभग ₹14 करोड़ मानी जा रही है। यह बढ़ोतरी किसी अचानक लाभ की वजह से नहीं, बल्कि नियमित राजनीतिक आय, बैंक सेविंग्स और प्रॉपर्टी वैल्यू में धीरे-धीरे हुई वृद्धि का नतीजा मानी जाती है।
इन आंकड़ों से साफ होता है कि अशोक गहलोत की संपत्ति समय के साथ क्रमबद्ध तरीके से बढ़ी है। वे उन नेताओं में गिने जाते हैं जिनकी नेट वर्थ धीरे-धीरे बनी, न कि किसी एक अवधि में अचानक बढ़ी।
2026 में कुल नेट वर्थ ₹13-14 करोड़ जिसमें ₹11 करोड़ से ज्यादा खुद के नाम
2026 के अनुमान के अनुसार अशोक गहलोत की कुल पारिवारिक संपत्ति करीब ₹13-14 करोड़ मानी जा रही है। इसमें से लगभग ₹11 करोड़ से अधिक हिस्सा उनके स्वयं के नाम पर दर्ज बताया जाता है, जबकि शेष करीब ₹3-4 करोड़ उनकी पत्नी सुनीता गहलोत के हिस्से में आता है। इस तरह दोनों की संपत्ति जोड़कर कुल नेट वर्थ लगभग ₹14 करोड़ के आसपास बैठती है।
उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा अचल संपत्ति यानी मकान और जमीन के रूप में है। इसके अलावा बैंक बैलेंस और सीमित निवेश भी उनकी कुल संपत्ति में शामिल हैं। अशोक गहलोत ने कभी बड़े निजी उद्योग या कॉर्पोरेट बिज़नेस को अपनी कमाई का आधार नहीं बनाया। उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह राजनीति से मिलने वाली आय और दीर्घकालिक बचत पर आधारित रही है।
उनकी संपत्ति प्रोफाइल यह भी दिखाती है कि वे निवेश के मामले में बेहद सतर्क रहे हैं। महंगे शेयर बाजार निवेश या जोखिम भरे कारोबारी फैसलों की जगह उन्होंने सुरक्षित बैंक जमा और प्रॉपर्टी को प्राथमिकता दी। यही कारण है कि उनकी नेट वर्थ में उतार-चढ़ाव कम और स्थिर वृद्धि ज्यादा देखने को मिलती है।
₹30 हजार कैश, ₹1.94 करोड़ बैंक बैलेंस और ₹15 लाख के जेवरात
अशोक गहलोत के पास नकद राशि बेहद सीमित रहती है। आम तौर पर उनके पास करीब ₹20-30 हजार कैश दर्ज होता है, जबकि उनकी पत्नी के पास लगभग ₹10 हजार। यानी उनकी कुल संपत्ति का लगभग 95% से ज्यादा हिस्सा बैंक खातों और अचल संपत्ति के रूप में रखा गया है।
उनके दो प्रमुख बैंक खातों में करीब ₹1.94 करोड़ से अधिक राशि जमा मानी जाती है। इसमें नियमित बचत और ब्याज से मिलने वाली आय भी जुड़ी रहती है। सोने-चांदी में उनका निवेश भी बहुत सीमित है। अशोक गहलोत के पास लगभग ₹30 हजार मूल्य का सोना दर्ज है, जबकि उनकी पत्नी के पास करीब ₹14–15 लाख के आभूषण बताए जाते हैं। कुल नेट वर्थ में यह हिस्सा केवल 1-2% के आसपास आता है।
यह आंकड़े बताते हैं कि गहलोत परिवार दिखावे की संपत्ति पर ज्यादा खर्च नहीं करता। महंगे आभूषणों या बड़ी नकदी रखने की बजाय उन्होंने अपनी पूंजी को सुरक्षित बैंकिंग सिस्टम और प्रॉपर्टी में रखा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति संतुलित बनी रहती है।
करीब ₹14 करोड़ की नेट वर्थ होने के बावजूद अशोक गहलोत के नाम पर कोई निजी वाहन दर्ज नहीं है। वे आमतौर पर सरकारी या पार्टी द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों का ही उपयोग करते हैं। यह तथ्य उन्हें कई अन्य नेताओं से अलग बनाता है, जिनके पास महंगी कारों का संग्रह देखने को मिलता है।
अशोक गहलोत पिछले 30 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय राजनीति में हैं। उनकी कुल आय का करीब 90% हिस्सा सरकारी वेतन, भत्तों और आधिकारिक सुविधाओं से आता है। वे अब तक 3 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और 7 से ज्यादा बार चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बन चुके हैं। इसके बावजूद उनकी आर्थिक प्रोफाइल सीमित और नियंत्रित दायरे में बनी हुई है।
उनकी जीवनशैली आज भी अपेक्षाकृत सादी मानी जाती है। न महंगे बंगले, न निजी गाड़ियों का काफिला और न ही अत्यधिक नकद-उनकी पहचान एक अनुभवी लेकिन अनुशासित नेता की बनी हुई है।
Ashok Gehlot Net Worth 2026 यह साफ दिखाती है कि ₹1.69 करोड़ (2013) से बढ़कर लगभग ₹14 करोड़ (2026) तक पहुंचने के बावजूद अशोक गहलोत की जीवनशैली साधारण बनी हुई है। सीमित नकद, 0 निजी वाहन, सुरक्षित बैंक निवेश और नियंत्रित संपत्ति के साथ वे आज भी एक ऐसे वरिष्ठ नेता के रूप में पहचाने जाते हैं, जिनकी ताकत दौलत नहीं बल्कि अनुभव और सार्वजनिक जीवन में लंबी भागीदारी है।