भारत में इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है। सामान्य बीमारी से लेकर गंभीर स्वास्थ्य समस्या तक, अस्पताल में भर्ती होने पर परिवार की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और इलाज के खर्च से लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए आयुष्मान भारत कार्यक्रम शुरू किया। आयुष्मान भारत को केवल एक स्वास्थ्य बीमा योजना समझना सही नहीं होगा। इसके अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, अस्पताल में इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा देने, स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा विकसित करने और डिजिटल हेल्थ सिस्टम को बढ़ावा देने जैसी कई पहलें शामिल हैं।
वर्ष 2026 में आयुष्मान भारत से जुड़े आंकड़ों में भी काफी विस्तार देखने को मिला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 12 अगस्त 2026 तक 45.5 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके थे। वहीं 30 जून 2026 तक योजना के तहत 12.69 करोड़ अस्पताल में भर्ती के मामले अधिकृत किए जा चुके थे, जिनकी कुल राशि करीब ₹1.92 लाख करोड़ रही। इस समय तक देशभर में 38,466 से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल योजना से जुड़े हुए थे। इस लेख में हम समझेंगे कि आयुष्मान भारत क्या है, इसके प्रमुख हिस्से कौन-कौन से हैं, PM-JAY में कितना स्वास्थ्य कवर मिलता है, 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को क्या सुविधा मिलती है और 2026 में योजना की स्थिति क्या है।
आयुष्मान भारत क्या है
आयुष्मान भारत भारत सरकार का एक व्यापक स्वास्थ्य कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर अस्पताल में इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा देना है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य व्यवस्था के अलग-अलग स्तरों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाना, गंभीर बीमारी के इलाज के लिए स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराना, स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को आपस में जोड़ना शामिल है। इसलिए आयुष्मान भारत को एक ही योजना के बजाय स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का व्यापक ढांचा कहा जा सकता है।
आयुष्मान भारत के प्रमुख हिस्से
आयुष्मान भारत के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई प्रमुख पहलें चल रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की होती है।
1. आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्या है
गांवों और शहरों में लोगों को शुरुआती स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पुराने सब-हेल्थ सेंटर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करके आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) के रूप में विकसित किया गया है। इन केंद्रों का उद्देश्य केवल मरीज का इलाज करना नहीं है। यहां बीमारी की शुरुआती पहचान, स्वास्थ्य जांच, जागरूकता, जरूरी दवाएं, जांच सेवाएं और जरूरत पड़ने पर मरीज को बड़े अस्पताल तक रेफर करने जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाता है। इन केंद्रों के जरिए गैर-संचारी बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कुछ प्रकार के कैंसर की स्क्रीनिंग पर भी जोर दिया जा रहा है।
2026 में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 12 अगस्त 2026 तक देश में 1.86 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे थे। इन केंद्रों पर उपलब्ध सेवाओं का लोगों ने बड़ी संख्या में उपयोग किया है और इनका संचयी फुटफॉल 540 करोड़ से अधिक दर्ज किया गया। फरवरी 2026 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1.82 लाख से अधिक केंद्र पहले ही संचालित हो चुके थे। इन केंद्रों पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के 12 व्यापक पैकेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कौन-कौन सी सेवाएं मिल सकती हैं
इन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाएं राज्य और केंद्र की व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन व्यापक रूप से इनमें निम्न प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान दिया जाता है।
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
- संक्रामक रोगों से संबंधित सेवाएं
- उच्च रक्तचाप की जांच
- मधुमेह की जांच
- कैंसर की शुरुआती स्क्रीनिंग
- मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता
- बुजुर्गों की स्वास्थ्य देखभाल
- सामान्य आपातकालीन देखभाल
- मौखिक स्वास्थ्य सेवाएं
- ENT से संबंधित प्राथमिक सेवाएं
- प्रशामक एवं पुनर्वास संबंधी देखभाल
- टेली-कंसल्टेशन की सुविधा
इसका उद्देश्य लोगों को हर छोटी स्वास्थ्य समस्या के लिए बड़े शहर या अस्पताल तक जाने की आवश्यकता कम करना और बीमारी की शुरुआत में ही उसकी पहचान करना है।
2. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY
आयुष्मान भारत का दूसरा और सबसे चर्चित हिस्सा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) है। यह योजना अस्पताल में भर्ती होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए पात्र परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देती है। इसके अंतर्गत पात्र परिवार को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है। यह राशि बैंक खाते में सीधे जमा नहीं होती। इसका उपयोग योजना के नियमों के अनुसार सूचीबद्ध अस्पताल में पात्र उपचार के लिए किया जाता है।
PM-JAY में ₹5 लाख का कवर कैसे काम करता है
योजना में मिलने वाला ₹5 लाख का कवर परिवार के लिए निर्धारित होता है। इसे हर सदस्य के लिए अलग-अलग ₹5 लाख की नकद राशि नहीं समझना चाहिए। पात्र परिवार के सदस्य योजना के नियमों के अनुसार अस्पताल में भर्ती होने वाले उपचार का लाभ ले सकते हैं। योजना की खासियत यह है कि पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित उपचार के लिए कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
2026 में PM-JAY के नए आंकड़े
12 अगस्त 2026 को जारी सरकारी जानकारी के अनुसार:-
- 45.5 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
- 30 जून 2026 तक 12.69 करोड़ अस्पताल में भर्ती के मामले अधिकृत हुए।
- इन अस्पताल में भर्ती मामलों की राशि करीब ₹1.92 लाख करोड़ रही।
- 38,466 से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल योजना से जुड़े थे।
- रोजाना 40,000 से अधिक क्लेम प्रोसेस किए जा रहे थे।
- योजना में 1,900 से अधिक उपचार पैकेज उपलब्ध थे।
ये आंकड़े बताते हैं कि आयुष्मान भारत की स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क पिछले वर्षों की तुलना में काफी बड़ा हुआ है।
PM-JAY की प्रमुख विशेषताएं
PM-JAY को सामान्य स्वास्थ्य बीमा से अलग बनाने वाली कई विशेषताएं हैं। परिवार के लिए स्वास्थ्य कवर पात्र परिवार को हर साल ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। कैशलेस इलाज योजना में शामिल उपचार के लिए पात्र व्यक्ति को सूचीबद्ध अस्पताल में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कैशलेस सुविधा मिल सकती है। सरकारी और निजी अस्पताल योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों के साथ बड़ी संख्या में निजी अस्पताल भी जुड़े हैं। देशभर में इलाज की सुविधा PM-JAY की portability सुविधा के कारण पात्र लाभार्थी दूसरे राज्य में भी सूचीबद्ध अस्पताल में योजना का लाभ ले सकते हैं। 30 जून 2026 तक 29.05 लाख से अधिक interstate portability hospital admissions को अधिकृत किया गया था, जिनकी राशि ₹8,383.97 करोड़ से अधिक थी। परिवार के आकार की सीमा नहीं PM-JAY में पात्र परिवार के सदस्यों की संख्या को लेकर सामान्य रूप से परिवार के आकार की सीमा नहीं रखी गई है। लाभार्थी कवरेज योजना के निर्धारित पात्रता नियमों के अनुसार तय होता है।
3. 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए आयुष्मान वय वंदना
आयुष्मान भारत में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण विस्तार किया गया है। अक्टूबर 2024 में PM-JAY का विस्तार करके 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को योजना के दायरे में लाया गया, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। इन वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड की व्यवस्था की गई है। 12 अगस्त 2026 तक उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1.20 करोड़ वरिष्ठ नागरिक इस व्यवस्था के अंतर्गत नामांकित हो चुके थे। इनके द्वारा 13.84 लाख से अधिक उपचार लिए जा चुके थे, जिनकी कुल राशि लगभग ₹3,000 करोड़ बताई गई। इस विस्तार का उद्देश्य बुजुर्गों को बढ़ती स्वास्थ्य जरूरतों के बीच आर्थिक सुरक्षा देना है।
4. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन
आयुष्मान भारत का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) है। इसका फोकस सीधे किसी व्यक्ति को इलाज का कार्ड देने के बजाय देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की क्षमता को मजबूत करने पर है। इसके अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने, प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाने और गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर काम किया जा रहा है।
PM-ABHIM के अंतर्गत प्रमुख काम
- 23,224 ग्रामीण स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को सहयोग
- 13,736 शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों की स्थापना
- 3,389 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स
- 744 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब
- 631 क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक
जैसे स्वास्थ्य ढांचे से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इसका उद्देश्य भविष्य में महामारी, संक्रामक रोगों और दूसरी बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों के समय देश की स्वास्थ्य प्रणाली को ज्यादा तैयार रखना है।
5. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन क्या है
स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) शुरू किया गया। इसका उद्देश्य ऐसा डिजिटल हेल्थ सिस्टम तैयार करना है जिसमें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सुरक्षित तरीके से डिजिटल माध्यम में व्यवस्थित किया जा सके। इसके अंतर्गत ABHA यानी Ayushman Bharat Health Account महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ABHA एक डिजिटल हेल्थ पहचान है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ सकता है।
2026 में ABDM के आंकड़े
12 अगस्त 2026 तक सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- 96.43 करोड़ ABHA बनाए जा चुके थे।
- 110 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड ABHA से लिंक किए जा चुके थे।
- 5.47 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत थीं।
- 10.50 लाख से अधिक हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्टर्ड थे।
मई 2026 में ABDM ने 100 करोड़ से अधिक ABHA-linked health records का महत्वपूर्ण आंकड़ा भी पार किया था।
ABDM से आम व्यक्ति को क्या फायदा है
डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था का फायदा यह है कि मरीज के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को अलग-अलग जगहों पर संभालने की आवश्यकता कम हो सकती है। उदाहरण के तौर पर डॉक्टर की पर्ची, जांच रिपोर्ट या अस्पताल से संबंधित रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम से जुड़े होने पर उन्हें आवश्यकता के अनुसार देखा या साझा किया जा सकता है। यह प्रक्रिया व्यक्ति की सहमति और लागू डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था के नियमों के अनुसार होती है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में रिकॉर्ड मैनेजमेंट, जानकारी के आदान-प्रदान और मरीज की देखभाल में निरंतरता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
2026 में आयुष्मान भारत में क्या खास बदलाव देखने को मिले
वर्ष 2026 में आयुष्मान भारत का दायरा केवल स्वास्थ्य कार्ड तक सीमित नहीं दिखाई देता। योजना के कई हिस्सों में विस्तार हुआ है। सबसे पहले PM-JAY में कार्ड और अस्पतालों की संख्या बढ़ी है। इसके साथ 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना का उपयोग भी बढ़ रहा है। दूसरी तरफ प्राथमिक स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़कर 1.86 लाख से अधिक हो गई है। डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र में भी ABDM ने तेज विस्तार किया है और अगस्त 2026 तक 96.43 करोड़ ABHA बनाए जा चुके थे। जून 2026 में पश्चिम बंगाल PM-JAY लागू करने वाला 36वां राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बना। इससे योजना का राष्ट्रीय विस्तार और व्यापक हुआ।
आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने से पहले किन बातों का ध्यान रखें
आयुष्मान कार्ड होने का अर्थ यह नहीं है कि हर अस्पताल में हर प्रकार का इलाज मुफ्त होगा। लाभार्थी को हमेशा यह देखना चाहिए कि अस्पताल योजना में सूचीबद्ध है या नहीं और संबंधित बीमारी या उपचार योजना के अंतर्गत शामिल है या नहीं। इलाज से पहले इन बातों की जांच करना बेहतर है।
- अस्पताल PM-JAY में empanelled है या नहीं
- संबंधित उपचार योजना के पैकेज में शामिल है या नहीं
- अस्पताल में Ayushman Help Desk उपलब्ध है या नहीं
- पहचान सत्यापन के लिए जरूरी दस्तावेज कौन से हैं
- इलाज से पहले अस्पताल से योजना के तहत मिलने वाली सुविधा की पुष्टि
किसी अनधिकृत व्यक्ति को OTP, बैंक PIN, ATM PIN या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
आयुष्मान भारत योजना का महत्व
आयुष्मान भारत का महत्व केवल इस बात में नहीं है कि पात्र परिवार को ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। इसका व्यापक उद्देश्य स्वास्थ्य व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत करना है। एक तरफ आयुष्मान आरोग्य मंदिर लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं। दूसरी तरफ PM-JAY अस्पताल में भर्ती के दौरान आर्थिक बोझ कम करने में मदद करता है। PM-ABHIM स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर काम करता है, जबकि ABDM डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड और सेवाओं को जोड़ने का प्रयास करता है। इस तरह आयुष्मान भारत को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, अस्पताल उपचार, स्वास्थ्य ढांचा और डिजिटल हेल्थ को एक साथ मजबूत करने वाली व्यापक पहल के रूप में देखा जा सकता है।